क्या डॉक्टर ब्रांडेड गोलियों को ज़्यादा बढ़ावा दे रहे हैं

कल्पना कीजिए कि आप दो कप चाय में से एक चुन रहे हैं एक किसी भरोसेमंद ब्रांड जैसे चायोस की, और दूसरी किसी स्थानीय दुकानदार की, जो आधी कीमत में वही स्वाद देने का दावा कर रहा है। आपके मन में सवाल उठता है: क्या सस्ती चाय उतनी ही अच्छी होगी, या कहीं कड़वी न […]

ब्रांडेड दवाइयाँ या SayaCare डायबिटिक दवाइयों की वास्तविक लागत

दुनिया की डायबिटीज़ राजधानी बनने की भारत की यात्रा 2000 के शुरुआती दशक में शुरू हुई। आज, हर 10 में से 1 भारतीय डायबिटीज़ से पीड़ित है। डायबिटीज़ का इलाज संभव नहीं, केवल नियंत्रण संभव है। इसका प्रबंधन जीवनशैली में बदलाव से आगे जाता है और अक्सर रोज़ाना, जीवनभर दवाई लेने की आवश्यकता होती है।

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निर्जलीकरण के लिए उपयोग होने वाला ORS पाउडर और पानी का गिलास।

ORS (ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन) एक सरल लेकिन असरदार घोल है जो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तुरंत पूरा करता है। यह दस्त, उल्टी और गर्मी में निर्जलीकरण से बचाने में मदद करता है। जानिए ORS के उपयोग, फायदे और सही सेवन के बारे में।

जनरिक दवाओं के बारे में आपकी पूरी मार्गदर्शिका

जेनेरिक दवाएं, ब्रांडेड दवाओं का सस्ता लेकिन प्रभावी विकल्प होती हैं — फिर भी लोग इन पर भरोसा करने से झिझकते हैं। यह ब्लॉग बताएगा कि जेनेरिक दवाएं कैसे बनती हैं, ये इतनी सस्ती क्यों होती हैं, कौन इन्हें बनाता है, और समाज को इनसे क्या फायदे होते हैं। साथ ही, हम समझेंगे कि ब्रांडिंग, पेटेंट और मार्केटिंग के इस खेल में मरीजों को कैसे जागरूक रहना चाहिए।

मधुमेह से जुड़ी हर जरूरी जानकारी

भारत में हर सातवां व्यक्ति प्री-डायबिटिक है — एक संकेत कि बदलाव जरूरी है।
डायबिटीज सिर्फ शुगर की बीमारी नहीं, बल्कि कई गंभीर जटिलताओं की जड़ बन सकती है।
समय रहते सही जीवनशैली अपनाकर आप स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

जानिए ब्रांडेड और जेनरिक दवाओं के बारे में

दुनिया की फार्मेसी कहलाने के बावजूद, भारत की जमीनी हकीकत काफी गंभीर है Diabetes, High BP गुर्दे और गैस्ट्रिक समस्याओं जैसी आम पुरानी बीमारियों की दवाएँ लोगों की पहुँच से बाहर होती जा रही हैं। स्वास्थ्य सेवा खर्च का 90% तक हिस्सा दवाओं पर खर्च होता है, जिससे आउट ऑफ पॉकेट (OOP) खर्च भी बढ़ जाता है स्थिति इतनी गंभीर है कि कई लोगों को इलाज का खर्च उठाने के लिए कर्ज तक लेना पड़ता है